आधी रात में खाली होने लगा राबड़ी आवास: तेजस्वी और लालू पटना से बाहर; एक महीने पहले मिला था नोटिस

Dec 26, 2025, 15:01

News Image

पटना स्थित राबड़ी आवास को लेकर आधी रात में अचानक हलचल तेज हो गई, जब परिसर को खाली करने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उस समय पटना से बाहर थे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आवास खाली करने का नोटिस करीब एक महीने पहले ही जारी किया जा चुका था, लेकिन तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अब कार्रवाई शुरू की गई।

सूत्रों का कहना है कि आधी रात को सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सामान हटाने और दस्तावेज़ों की जांच का काम किया गया। इस दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन का तर्क है कि यह सरकारी आवास है और निर्धारित नियमों के तहत इसे खाली कराया जा रहा है।

राजद की ओर से इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लालू परिवार को पहले ही नोटिस मिला था, लेकिन बातचीत और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय मांगा गया था। उनका आरोप है कि आधी रात में कार्रवाई कर प्रशासन ने अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश की।

वहीं, प्रशासन का दावा है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद ही कदम उठाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आवास से जुड़े रिकॉर्ड और सामान की सूची तैयार की जा रही है, ताकि किसी तरह का विवाद न रहे।

इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह सिर्फ आवास खाली कराने का नहीं, बल्कि सत्ता और विपक्ष के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है। राबड़ी आवास खाली कराने की यह कार्रवाई बिहार की राजनीति में एक नए विवाद की शुरुआत मानी जा रही है।